लिखती हूँ कुछ ऐसे मैं, कि जर्रे-जर्रे को, महसूस करती हूँ मैं । पंख अपने भी फैलाऊँगी मैं, जब खुद से खुद मिल जाऊँगी मैं ।
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जिंदगी शायरी
July 07, 2024
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बोहोत कुछ चाहती हु, ए जिंदगी में तुझसे। परर् ए समझ नहीं आ रहा कि, ए जिंदगी तु क्या चाहतीं हैं मुझसे ।
जिंदगी शायरी
July 07, 2024
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"People are came in our lives To meant to go, After teaching a lesson or A lesson after they go"
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